Shri Girdhar Ji (श्री गिरधरजी)

श्रीगिरधरजीनरभूषण,
श्रीगुसांईजी के प्रथमलालजी (सुपुत्र) श्री गिरधरजी का प्राकट्य विक्रम संवत् १५९७ कार्तिक शुक्ल द्वादशी के शुभदिन श्रीमद् गोकुल में हुआ। श्रीगुसांईजी श्रीगिरधरजी को प्यार से ‘गोवर्धन’ नाम से सम्बोधित करते थे।